~ हंगरी में नए बौद्ध ~

 

आश्विन जंगम ने दो नए बौद्ध का साक्षात्कार लिया.दोनोही असामान्य है.जिप्सी समुदाय के भीतर बौद्ध संघ का एक हिस्सा बढ़ रहा है.भारत से आश्विन जंगम और मनिधाम्मा ने हाल ही में हंगरी का दौरा किया और हंगरी के नए बौद्ध बने जनोश और तिबोर ने भी भारत और इंग्लैंड का दौरा किया.
        उन्होने उनका निजी इतिहास और अन्य विषयोपर बातचीत की जैसे जिप्सी समुदाय की सामान्य स्तिती और कैसे वे अम्बेडकर,बौद्ध धर्मं, F.W.B.O./T.B.M.S.G. से जुडे.निचे ओर्सोस जनोस की कहानी है,

THREE FRIENDS FROM HUNGARY “भारत में एक महीना बिताकर लौटने के बाद मैं सहमत हुआ की मैं अब एक बौद्ध हो गया हूं.नागपुर में २००६ में धम्माक्रंती शिविर में मैंने भाग लिया था वहा विभिन्न राज्य से ५००० लोग भी आये थे. पंचशील उपदेशोका ग्रहण करने के बाद मैंने घोषणा की,बुद्ध मेरे अध्यापक है और F.W.B.O./T.B.M.S.G. मेरा अध्यात्मिक परिवार है.

“लेकिन यहाँ वापस हुन्गारीमे आनेपर,हुन्गरियन बौद्ध ही थे मैं उनकेसाथ अपनी पहचान नहीं कर सका.भारतीय बौद्ध का उद्धेश यहाँ हुन्गरियन बौद्ध उद्धेशो से भिन्न नजर आता है.
F.W.B.O./T.B.M.S.G. एक सच्ची सामाजिक आन्दोलन से समंधित है.धम्मचारी सुभुती और अन्य बौद्ध बांधव जब हंगरी में आते है तो हमारे जिप्सी समुदाय को अच्छा लगता है.वह हमारे साथ समय बिताते है; जो की हुन्गरियन बौद्ध नहीं करते.सुभुती,मनिधम्मा,आश्विन जंगम,मयूर,भारत और उनके साथी अब हमारे अच्छे दोस्त बन गए है”.

                                    

 
ye Buddha ki dhara…

~ by Ashwin Jangam on April 17, 2008.

3 Responses to “~ हंगरी में नए बौद्ध ~”

  1. i want join with you its posial—– pravin nagpur

  2. dear,

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